Spiritual Knowledge

 मूलतत्व ज्ञान (Basic Knowledge)

हिन्दू धर्म में वेद, पुराण और शास्त्र और उपनिषद जैसे महाग्रंथ और महाभारत,रामायण जैसे महाकाव्य, और भी बहुत से ग्रन्थ हैं .जिसे पढ़ने या जानने की इच्हा हम सभी रखते हैं. और फिर पढ़ कर ज्ञानी होने का भ्रम रखते है.लेकिन क्या हमें ज्ञान हो जाता है और अगर ज्ञान हो जाता है तो हम उस ज्ञान के रूबरू होतें हैं या नहीं.....

         Basic Knowledge

जीवन की यात्रा

 जीवन की यात्रा क्या है.ये सोच सोच कर मन परेशान होता रहता है. कुछ समझ में आता है कुछ नहीं. ज्ञान हमें कहां से मिलता है या कौन दे सकता है,नहीं जानते. कुछ इधर-उधर, कुछ किताबों से पढते हैं. कुछ संत-प्रवचन और किसी महापुरुष से विचार सुन कर जो ज्ञान इकठा होता है उस के सहारे हम यह यात्रा आगे बढ़ाते हैं.....

Jeevan Ki Yatra

Be Patient...but how to be?

Many of us are impatient at times. Losing control of our patience hurts not only us, but those around us. Impatience raises  our stress level and can even cause physical harm to our bodies. Being impatient can also damage relationships.......

Be Patient...but how to be? 

अर्जुन ने कुरुक्षेत्र युद्भूमि में सारी सेना को छोड़ कर भगवान् श्री कृष्ण जी से उनको ही मांग लिया। भगवान् श्री कृष्ण जी उनके सारथी बने। भगवान् श्री कृष्ण जी ने कहा चल उठ !! युद्ध कर !! मैं तेरे साथ हूँ ! यहाँ भगवान् श्री कृष्ण जी क्या बताते हैं कि हे मानव!!
 तुझे  अपना करम तो करना ही है !
मैं तेरे साथ हूँ तेरी रक्षा को, तेरी सहायता को हमेशा तैयार हूँ ! तुझे युद्ध तो स्वयं ही करना होगा ! यह युद्ध भूमि तेरी है तेरे लिए है, जो इस भूमि पर जन्म लेता हैं, कर्मो पर उसका अधिकार हो जाता है! बिना करम किये कुछ भी पाना असम्भव है। और एक बात भी समझ लेना कि तेरा अधिकार सिर्फ कर्म पर है , उसके फल पर नहीं। फल अपने प्रारबध के अनुसार ही मिलेगा। मैं केवल उसीकी सहायता करता हूँ जो इस कर्मक्षेत्र की भूमि पर लड़ने को तैयार होता है ! बिना किसी फल की इच्छा के !
इसी तरह हमें भगवान् मेरे साथ है,,,, कह कर करम को छोड़ना नहीं है अपना करम तो करना ही है क्योकि वो मेरे साथ हैं सिर्फ मेरे ही लिए नहीं हैं,,,, ये बात अवश्य समझ लेनी चाहिए!!!
 
  
   
   
   

 

 

 

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